कोरोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो सकती है एक प्रतिशत की कमी: संयुक्त राष्ट्र


रामनवमी के अवसर पर शेयर बाजार रहे बंद


 


मुंबई,  (वेबवार्ता) रामनवमी के अवसर पर गुरुवार को बाम्बे शेयर बाजार (बीएसई) और नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) में अवकाश रहा।बीएसई और एनएसई के बंद रहने के कारण आज कोई भी कारोबार नहीं हो सका संयुक्त राष्ट्र,  (वेबवार्ता)। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में करीब एक प्रतिशत तक घट सकती है, जबकि पहले इसमें 2.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान था। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पर्याप्त वित्तीय राहत का इंतजाम किए बिना आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध बढ़ाया जाता है, तो ये गिरावट और अधिक हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (डीईएसए) के एक विश्लेषण में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रही है। पिछले महीने के दौरान लगभग 100 देशों के राष्ट्रीय सीमाओं को बंद करने से लोगों की आवाजाही और पर्यटन में एक डरावना ठहराव आ गया है। डीईएसए ने कहा, "इन देशों में लाखों श्रमिकों को अपनी नौकरी खोने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। सरकारें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मंदी में जाने से रोकने के लिए बड़े प्रोत्साहन पैकेजों पर विचार कर रही हैं। सबसे खराब स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था 2020 में 0.9 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज कर सकती है।" इसके साथ ही डीईएसए ने अगर हालात संभल गए तो भी इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था 1.2 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज कर सकती है। लेकिन ऐसा तभी होगा जबकि निजी खपत में मामूली गिरावट हो और निवेश, निर्यात तथा सरकारी खर्च में वृद्धि हो। संस्था ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2009 में 1.7 प्रतिशत घटी थी। डीईएसए ने कहा है कि यदि सरकारों आम लोगों को आर्थिक सहायता और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में मदद करने में विफल रही तो ये नुकसान और भी अधिक हो सकता है।