नोएडा में स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस, पिछले 48 घंटे में नहीं आया नया केस


नोएडा,  (वेबवार्ता)। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले जिले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के लोगों के लिए लगातार दूसरे दिन भी राहत भरी खबर है। नोएडा में बीते 48 घंटे में कोरोना का कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया है। दूसरे दिन भी कोई नया मरीज नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। अब तक स्वास्थ्य विभाग 1030 लोगों का सैंपल ले चुका है। 58 लोगों मे कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। अब तक आठ मरीज इलाज के बाद पुरी तरह से ठीक हो चुके हैं।इससे पहले जिले में रविवार को कोई नया मरीज नहीं मिला, जबकि सर्वाधिक 216 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इनमें अधिकांश वे लोग हैं, जो क्वारंटाइन वार्ड में 14 व अधिक दिन पूरे कर चुके और इनमें लक्षण दिखे हैं। दूसरी रिपोर्ट ठीक मिलने पर ही संदिग्धों को क्वारंटाइन वार्ड से मुक्त किया जाता है। अबतक जिले में सामने आ चुके कुल 58 मरीजों में 42 को वायरस का संक्रमण सीजफायर कंपनी ने बांटा है। फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में 50 मरीज भर्ती है, जबकि आठ पूरी तरह स्वस्थ्य होकर घर लौट गए हैं।सीएमओ  एपी चतुर्वेदी के अनुसार, रविवार को विभिन्न जांच केंद्रों से 79रिपोर्ट आई। यह सभी नेगेटिव मिली, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 216 नए व पुराने कोरोना संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रविवार को अबतक सबसे ज्यादा सैंपल लिए गए है। इससे पहले एक बार 95 व एक बा104लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें सेक्टर-5 में झु़ग्गी झोपड़ी में मिले चार कोरोना मरीजों के संपर्क में आने वाले 30 संदिग्ध शामिल हैं। हालांकि 24लोगों में अबतक वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं। अब विभाग को 336 शेष रिपोर्ट  का इंतजार है। वायरस के फैलाव को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।मरीज व संदिग्ध का शासन की गाइडलाइन के अनुसार इलाज किया जा रहा है जिले में अबतक किसी भी मरीज को वेंटिलेटर पर रखने की नौबत नहींई है। मरीजों में रिकवर होने का औसत दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सेक्टर-39 व जीबीयू के हॉस्टल में बने क्वारंटाइन व दोनों आइसोलेशन वार्ड में इस समय 363 मरीज व संदिग्ध भर्ती हैं। सेक्टर-39 स्थित क्वारंटाइन में 225, जीबीयू में 90 संदिग्ध भर्ती हैं। इसके अलावा चाइल्ड पीजीआइ के आइसोलेशन वार्ड में 30 व जिम्स में 20 कोरोना के मरीजों का उपचार जारी है।