जिला कारागार से 79 बंदियों की अस्थाई तौर पर रिहाई

 


गाजियाबाद,  (वेबवार्ता)। कोरोना वायरस के खौफ के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने कैदियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने सूबे की जेलों में बंद 11 हजार कैदियों को 8 सप्ताह के लिए निजी मुचलके पर रिहा कर रही है। कोरोना वायरस के कहर के बीच सात साल से कम सजा वाले अपराधों के लिए जेल में बंद इन कैदियों की रिहाई अस्थाई रिहाई शुरू है। इसी के चलते आज डासना जेल से आज एक बार भारी संख्या में कैदियों को छोड़ा गया। गुरूवार को जिला कारागार से 79 बंदियों की अस्थाई तौर पर रिहाई की गई है। जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि ये सभी 7 साल से कम सजा के मामले में थे विचाराधीन। अब तक छोड़े गये कैदियों की संख्या 332 पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए डासना स्थित जिला कारागार में 14 अप्रैल तक बंदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। 14 अप्रैल तक बंदियों से किसी को मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


 


 


 


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