हॉटस्पाट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन तथा होम डिलीवरी टीमों दिया जाय प्रवेश : योगी


लखनऊ,  (वेबवार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुये  कहा कि हॉटस्पाट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन तथा होम डिलीवरी टीमों को ही प्रवेश दिया जाये। योगी ने शुक्रवार को यहां कोरोना वायरस के नियंत्रण तथा लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के नियमों को सख्ती से पालन कराया जाय। सोशल डिस्टेसिंग को प्रत्येक दशा मे बनाए रखना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हॉटस्पाट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन तथा होम डिलीवरी टीमों को ही प्रवेश दिया जाय।


 


मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के निर्णय की विश्व में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित करते हुए संक्रमण से बचाव के लिए अपनायी जा रही रणनीति अत्यन्त प्रभावी सिद्ध हो रही है। हॉटस्पॉट का यह ‘यूपी मॉडल’ काफी लोकप्रिय हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक, स्वास्थ्य तथा पुलिस अधिकारी भेजने का निर्णय लिया है।


 


यह अधिकारी नामित जिलों में एक सप्ताह कैम्प कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देख-रेख में सम्पन्न कराए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेडिकल इन्फेक्शन को हर हाल में रोका जाना आवश्यक है।उन्होंने अस्पतालों में पीपीई, एन-95 मास्क, सेनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता समेत सभी सुरक्षा प्रबन्धों को लागू करने के निर्देश दिये हैं।


 


उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल चिन्हित किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज़ उपचार के लिए केवल कोविड अस्पताल में ही भर्ती किये जाएं। उन्होंने कहा किमेडिकल स्टॉफ को संक्रमण से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने तथा चिकित्सालय में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए इमरजेन्सी सेवाएं प्रारम्भ की जाएं, जिससे लोगों को अन्य गम्भीर रोगों के त्वरित उपचार की सुविधा मिल सके। एल-3 कोविड चिकित्सालयों में हर बेड पर वेंटिलेटर अवश्य हो।


 


उन्होंने कहा कि पूल टेस्टिंग को बढ़ाने तथा एल-1, एल-2 तथा एल-3चिकित्सालयों में बेड्स की संख्या में वृद्धि की जाय। ट्रेनिंग पर भी फोकस करने की आवश्यकता है। एल-2 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन तथा हर दस बेड पर एक वेंन्टिलेटर उपलब्ध रहना चाहिए। एल-1चिकित्सालय में प्रत्येक 5 बेड पर एक ऑक्सीजन सिलिण्डर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।