अगले कुछ सप्ताह तक जांच, संक्रमितों का पता लगाने, अलग थलग रखने पर ध्यान दें : प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा


नई दिल्ली,  (वेबवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिये अगले कुछ सप्ताह तक लोगों की जांच करने, संक्रमितों का पता लगाने, उन्हें अलग थलग रखने जैसे उपायों पर ध्यान देने को कहा ताकि जीवन का नुकसान कम से कम होउन्होंने लॉकडाउन समाप्त होने के बाद सड़कों पर लोगों की आवाजाही ‘‘क्रमबद्ध ढंग’’ से सुनिश्चित करने के बारे में राज्यों से साझा रणनीति बनाने को भी कहा पिछले कुछ दिनों में देश में कोरोना वायरस संक्रमण एवं मौत के मामलों में वृद्धि होने के बीच प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये संवाद में कहा कि इससे निपटने के लिये युद्ध स्तर पर काम करना, वायरस के ज्‍यादा संक्रमण प्रभावित क्षेत्र (हॉटस्पॉट) की पहचान करना एवं उन्हें घेरे में लेना और वायरस को फैलने से रोकना अत्‍यंत आवश्‍यक है। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, मोदी ने कहा कि राज्यों और केंद्र को ‘लॉकडाउन समाप्त होने’ के बाद फिर सेसड़कों पर लोगों की आवाजाही क्रमबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के बारे में साझा रणनीति अवश्‍य तैयार करनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से विचार-मंथन करने और इस रणनीति के बारे में सुझाव भेजने को कहा। उन्होंने कोविड-19को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने के महत्व को दोहराया। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण देश में अब तक 50लोगों की मौत हो चुकी है और 1965 लोग इससे संक्रमित हुए हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करना है कि कम-से-कम लोगों की जान जाए। उन्होंने कहा, ‘‘ ले कुछ हफ्तों के दौरान भी परीक्षण, मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने, आइसोलेशन और क्‍वारंटाइन पर निरंतर फोकस होना चाहिए उन्होंने आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने और दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों के निर्माण के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत भी बतायी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के लिए अलग एवं विशेष अस्पताल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्यों से आयुष डॉक्टरों के संसाधन पूल का इस्‍तेमाल करने, ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित करने और सहायक स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों, एनसीसी तथा एनएसएस के स्वयंसेवकों का उपयोग करने को कहा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने भारत में मामलों की संख्या में वृद्धि, तबलीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज से मामलों के बढ़ने, वायरस से निपटने में चिकित्सा तैयारी और वायरस के फैलने की श्रृंखला को तोड़ने की जरूरत बतायी।। मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन के निर्णय का समर्थन करने के लिये राज्यों को धन्यवाद दिया और एक टीम के रूप में काम करने के लिये उनकी सराहना की मोदी ने हालांकि आगाह किया कि वैश्विक स्‍तर पर स्थिति अब भी संतोषजनक नहीं है उन्होंने इसके साथ ही कुछ देशों में वायरस के फैलने का एक और संभावित दौर शुरू होने की अटकलों के बारे में बताया कोरोना वायरस से निपटने में आपसी समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्रीने जिला स्तर पर ‘संकट प्रबंधन समूहों’ का गठन करने और ‘जिला निगरानी अधिकारियों’ की नियुक्ति करने के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि परीक्षण के लिए मुख्‍यत: मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से ही डेटा लिया जाना चाहिए। इससे जिला, राज्य और केंद्र के डेटा में एकरूपता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बैंकों में भीड़ से बचने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों को धनराशि क्रमिक रूप ही से जारी की जाए। मोदी ने कहा कि यह फसलों की कटाई का समय है, अत: इसे ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने लॉकडाउन से कुछ छूट दी है, लेकिन निरंतर निगरानी और यथासंभव सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अनाज खरीदने के लिए राज्यों से कृषि उत्पाद बाजार समिती (एपीएमसी) के अलावा अन्य प्लेटफॉर्मों के बारे में भी विचार करने को कहा बयान के अनुसार, मुख्यमंत्रियों ने संकट के इस समय में नेतृत्व करने, मार्गदर्शन और आवश्‍यक सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने उचित समय पर लॉकडाउन का साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की जिससे देश में वायरस को फैलने से रोकने में काफी मदद मिली है। मुख्यमंत्रियों ने सामाजिक दूरी बनाए रखने, संदिग्ध मामलों का पता लगाने, निजामुद्दीन मरकज से जुड़े संदिग्ध मामलों की पहचान करने से जुड़े कदमों के बारे में भी जानकारी दी इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे शाह ने राज्यों में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने एवं जिला स्तर पर केंद्र के दिशानिर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किये जाने के महत्व को रेखांकित किया