हटाए गए नोएडा के डीएम बीएन सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश


 


नोएडा,  (वेबवार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा के डीएम पद से हटाए गए प्रोन्नत आईएएस अधिकारी बीएन सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। विभागीय जांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आईआईडीसी व नोएडा के चेयरमैन आलोक टंडन करेंगे। यह जानकारी मुख्य सचिव आरके तिवारी का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में नोएडा डीएम पूरी तरह फेल रहे।


 


मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि नोएडा के डीएम रहते बीएन सिंह ने छुट्टी के लिए उनको संबोधित पत्र स्वयं लीक कर अनुशासनहीनता की। नोएडा में भी उनके द्वारा कोरोना को नियंत्रित करने के मामलों में लापरवाही बरती गई। इसलिए उनके खिलाफ विभागीय जांच किए जाने के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान उन्हें यूपी राजस्व परिषद से संबद्ध किया गया है। उनको किसी पद पर तैनात नहीं किया गया है। इस बीच, विभागीय जांच करने वाले अधिकारी आलोक टंडन से जल्द से जल्द रिपोर्ट की अपेक्षा की गई है। आरके तिवारी ने एक सवाल के जवाब में इस बात की पुष्टि की कि नोएडा के नए डीएम सुहास एल वाई को सोमवार की रात को ही चार्ज लेने के लिए कार द्वारा नोएडा भेज दिया गया है।


 


सीएम ने लगाई थी फटकार


सोमवार को नोएडा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के बावजूद वहां कोरोना फैलने की वजहों की पड़ताल की तो अधिकारियों के जवाब पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जिलाधिकारी बीएन सिंह से जवाब मांगा तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने बैठक में मौजूद अफसरोपर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अफसरों से यहां तक कह डाला कि अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर डालना बंद करिए। इस बीच सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए नोएडा के डीएम को हटा दिया है और उनकी जगह सुहास एल वाई को गौतमबुद्ध नगर का नया डीएम बनाया गया है। इससे पूर्व सीएम द्वारा नाराजगी जताए जाने के बाद नोएडा के डीएम बीएन सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तीन महीने की छुट्टी मांगी थी। उन्होंने मीटिंग में यह भी कहा कि मैं 18-18 घंटे काम कर रहा हूं। मैं नोएडा में नहीं रहना चाहता।